Progress:34.6%

सुप्ता प्राज्ञात्मिका तुर्या सर्वावस्था-विवर्जिता । सृष्टिकर्त्री ब्रह्मरूपा गोप्त्री गोविन्दरूपिणी ॥ ६३॥

She is the Self in deep sleep, the transcendent fourth state, and beyond all states of consciousness. She is the creator of the universe, the embodiment of Brahmā, and the sustainer in the form of Govinda (Vishnu).

english translation

वह गहन निद्रा में स्थित आत्मा हैं, पारलौकिक चतुर्थ अवस्था हैं, तथा चेतना की सभी अवस्थाओं से परे हैं। वह ब्रह्मांड की रचयिता, ब्रह्मा का अवतार और गोविंद (विष्णु) के रूप में पालनकर्ता हैं।

hindi translation

suptA prAjJAtmikA turyA sarvAvasthA-vivarjitA | sRSTikartrI brahmarUpA goptrI govindarUpiNI || 63||

hk transliteration by Sanscript