1.
प्रथमोऽध्यायः
Chapter 1
2.
द्वितीयोऽध्यायः
Chapter 2
3.
तृतीयोऽध्यायः
Chapter 3
•
चतुर्थोऽध्यायः
Chapter 4
5.
पञ्चमोऽध्यायः
Chapter 5
6.
षष्ठोऽध्यायः
Chapter 6
7.
सप्तमोऽध्यायः
Chapter 7
8.
अष्टमोऽध्यायः
Chapter 8
9.
नवमोऽध्यायः
Chapter 9
10.
दशमोऽध्यायः
Chapter 10
11.
एकादशोऽध्यायः
Chapter 11
12.
द्वादशोऽध्यायः
Chapter 12
13.
त्रयोदशोऽध्यायः
Chapter 13
14.
चतुर्दशोऽध्यायः
Chapter 14
15.
पञ्चदशोऽद्ध्ययाः
Chapter 15
16.
षोडशोऽध्यायः
Chapter 16
17.
सप्तदशोऽध्यायः
Chapter 17
18.
अष्टादशोऽध्यायः
Chapter 18
19.
एकोनविंशोऽध्यायः
Chapter 19
20.
विंशोऽध्यायः
Chapter 20
21.
एकविंशोऽध्यायः
Chapter 21
22.
द्वाविंशोऽध्यायः
Chapter 22
23.
त्रयोविंशोऽध्यायः
Chapter 23
24.
चतुर्विंशोऽध्यायः
Chapter 24
Progress:12.5%
श्रीभगवानुवाच ये मां त्वां च सरश्चेदं गिरिकन्दरकाननम् । वेत्रकीचकवेणूनां गुल्मानि सुरपादपान् ।। ८-४-१७ ।।
sanskrit
The Supreme Personality of Godhead said: My form; your form; this lake; this mountain; the caves; the gardens; the cane plants; the bamboo plants; the celestial trees; ।। 8-4-17 ।।
english translation
भगवान् ने कहा : मेरे रूप, तुम्हारे रूप, इस सरोवर, इस पर्वत, कन्दराओं, उपवनों, बेंत के वृक्षों, बाँस के वृक्षों, कल्पतरु, ।। ८-४-१७ ।।
hindi translation
zrIbhagavAnuvAca ye mAM tvAM ca sarazcedaM girikandarakAnanam | vetrakIcakaveNUnAM gulmAni surapAdapAn || 8-4-17 ||
hk transliteration by SanscriptSrimad Bhagavatam
Progress:12.5%
श्रीभगवानुवाच ये मां त्वां च सरश्चेदं गिरिकन्दरकाननम् । वेत्रकीचकवेणूनां गुल्मानि सुरपादपान् ।। ८-४-१७ ।।
sanskrit
The Supreme Personality of Godhead said: My form; your form; this lake; this mountain; the caves; the gardens; the cane plants; the bamboo plants; the celestial trees; ।। 8-4-17 ।।
english translation
भगवान् ने कहा : मेरे रूप, तुम्हारे रूप, इस सरोवर, इस पर्वत, कन्दराओं, उपवनों, बेंत के वृक्षों, बाँस के वृक्षों, कल्पतरु, ।। ८-४-१७ ।।
hindi translation
zrIbhagavAnuvAca ye mAM tvAM ca sarazcedaM girikandarakAnanam | vetrakIcakaveNUnAM gulmAni surapAdapAn || 8-4-17 ||
hk transliteration by Sanscript