1.
प्रथमोऽध्यायः
Chapter 1
2.
द्वितीयोऽध्यायः
Chapter 2
3.
तृतीयोऽध्यायः
Chapter 3
4.
चतुर्थोऽध्यायः
Chapter 4
5.
पञ्चमोऽध्यायः
Chapter 5
6.
षष्ठोऽध्यायः
Chapter 6
7.
सप्तमोऽध्यायः
Chapter 7
8.
अष्टमोऽध्यायः
Chapter 8
9.
नवमोऽध्यायः
Chapter 9
10.
दशमोऽध्यायः
Chapter 10
11.
एकादशोऽध्यायः
Chapter 11
12.
द्वादशोऽध्यायः
Chapter 12
13.
त्रयोदशोऽध्यायः
Chapter 13
14.
चतुर्दशोऽध्यायः
Chapter 14
•
पञ्चदशोऽद्ध्ययाः
Chapter 15
16.
षोडशोऽध्यायः
Chapter 16
17.
सप्तदशोऽध्यायः
Chapter 17
18.
अष्टादशोऽध्यायः
Chapter 18
19.
एकोनविंशोऽध्यायः
Chapter 19
20.
विंशोऽध्यायः
Chapter 20
21.
एकविंशोऽध्यायः
Chapter 21
22.
द्वाविंशोऽध्यायः
Chapter 22
23.
त्रयोविंशोऽध्यायः
Chapter 23
24.
चतुर्विंशोऽध्यायः
Chapter 24
Progress:60.3%
ब्रूहि कारणमेतस्य दुर्धर्षत्वस्य मद्रिपोः । ओजः सहो बलं तेजो यत एतत्समुद्यमः ।। ८-१५-२७ ।।
sanskrit
Kindly inform me. What is the cause for Bali Mahārāja’s strength, endeavor, influence and victory? How has he become so enthusiastic? ।। 8-15-27 ।।
english translation
कृपया मुझे बतायें कि बलि महाराज की शक्ति, उद्यम, प्रभाव तथा विजय का क्या कारण है? वह इतना उत्साही कैसे हो गया है? ।। ८-१५-२७ ।।
hindi translation
brUhi kAraNametasya durdharSatvasya madripoH | ojaH saho balaM tejo yata etatsamudyamaH || 8-15-27 ||
hk transliteration by SanscriptSrimad Bhagavatam
Progress:60.3%
ब्रूहि कारणमेतस्य दुर्धर्षत्वस्य मद्रिपोः । ओजः सहो बलं तेजो यत एतत्समुद्यमः ।। ८-१५-२७ ।।
sanskrit
Kindly inform me. What is the cause for Bali Mahārāja’s strength, endeavor, influence and victory? How has he become so enthusiastic? ।। 8-15-27 ।।
english translation
कृपया मुझे बतायें कि बलि महाराज की शक्ति, उद्यम, प्रभाव तथा विजय का क्या कारण है? वह इतना उत्साही कैसे हो गया है? ।। ८-१५-२७ ।।
hindi translation
brUhi kAraNametasya durdharSatvasya madripoH | ojaH saho balaM tejo yata etatsamudyamaH || 8-15-27 ||
hk transliteration by Sanscript