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श्रीशुक उवाच स इत्थं द्विजमुख्येन सह सङ्कथयन् हरिः । सर्वभूतमनोऽभिज्ञः स्मयमान उवाच तम् ।। १०-८१-१ ।।

[Śukadeva Gosvāmī said:] Lord Hari, Kṛṣṇa, perfectly knows the hearts of all living beings, and He is especially devoted to the brāhmaṇas. ।। 10-81-1 ।।

english translation

[शुकदेव गोस्वामी ने कहा:] भगवान हरि, कृष्ण, सभी जीवित प्राणियों के दिलों को पूरी तरह से जानते हैं, और वे विशेष रूप से ब्राह्मणों के प्रति समर्पित हैं। ।। १०-८१-१ ।।

hindi translation

zrIzuka uvAca sa itthaM dvijamukhyena saha saGkathayan hariH | sarvabhUtamano'bhijJaH smayamAna uvAca tam || 10-81-1 ||

hk transliteration by Sanscript