दूतं च प्राहिणोन्मन्दः कृष्णायाव्यक्तवर्त्मने । द्वारकायां यथा बालो नृपो बालकृतोऽबुधः ॥ १०-६६-३ ॥
Thus slow-witted King Pauṇḍraka sent a messenger to the inscrutable Lord Kṛṣṇa at Dvārakā. Pauṇḍraka was acting just like an unintelligent child whom other children are pretending is a king. ॥ 10-66-3 ॥
english translation
इस प्रकार मंदबुद्धि राजा पौंड्रक ने द्वारका में गूढ़ भगवान कृष्ण के पास एक दूत भेजा। पौंड्रक बिल्कुल एक नासमझ बच्चे की तरह व्यवहार कर रहा था जिसे अन्य बच्चे राजा होने का नाटक कर रहे हैं। ॥ १०-६६-३ ॥
hindi translation