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कृष्ण कृष्ण महायोगिन् विश्वात्मन् विश्वभावन । प्रपन्नां पाहि गोविन्द शिशुभिश्चावसीदतीम् ।। १०-४९-११ ।।

Kṛṣṇa, Kṛṣṇa! O great yogi! O Supreme Soul and protector of the universe! O Govinda! Please protect me, who have surrendered to You. I and my sons are being overwhelmed by trouble. ।। 10-49-11 ।।

english translation

हे कृष्ण, हे कृष्ण! हे महान् योगी! हे परमात्मा तथा ब्रह्माण्ड के रक्षक! हे गोविन्द! मेरी रक्षा कीजिये। मैं आपकी शरण में हूँ। मैं तथा मेरे पुत्र दुख से अभिभूत हैं। ।। १०-४९-११ ।।

hindi translation

kRSNa kRSNa mahAyogin vizvAtman vizvabhAvana | prapannAM pAhi govinda zizubhizcAvasIdatIm || 10-49-11 ||

hk transliteration by Sanscript

नान्यत्तव पदाम्भोजात्पश्यामि शरणं नृणाम् । बिभ्यतां मृत्युसंसारादीश्वरस्यापवर्गिकात् ।। १०-४९-१२ ।।

For persons fearful of death and rebirth, I see no shelter other than Your liberating lotus feet, for You are the Supreme Lord. ।। 10-49-12 ।।

english translation

जो लोग मृत्यु तथा पुनर्जन्म से भयभीत हैं, उनके लिए मैं आपके मोक्षदाता चरणकमलों के अतिरिक्त अन्य कोई शरण नहीं देखती, क्योंकि आप परमेश्वर हैं। ।। १०-४९-१२ ।।

hindi translation

nAnyattava padAmbhojAtpazyAmi zaraNaM nRNAm | bibhyatAM mRtyusaMsArAdIzvarasyApavargikAt || 10-49-12 ||

hk transliteration by Sanscript

नमः कृष्णाय शुद्धाय ब्रह्मणे परमात्मने । योगेश्वराय योगाय त्वामहं शरणं गता ।। १०-४९-१३ ।।

I offer my obeisances unto You, Kṛṣṇa, the supreme pure, the Absolute Truth and the Supersoul, the Lord of pure devotional service and the source of all knowledge. I have come to You for shelter. ।। 10-49-13 ।।

english translation

मैं परम शुद्ध, परम सत्य, परमात्मा, शुद्ध-भक्ति के स्वामी तथा समस्त ज्ञान के उद्गम को नमस्कार करती हूँ। मैं आपकी शरण में आई हूँ। ।। १०-४९-१३ ।।

hindi translation

namaH kRSNAya zuddhAya brahmaNe paramAtmane | yogezvarAya yogAya tvAmahaM zaraNaM gatA || 10-49-13 ||

hk transliteration by Sanscript

श्रीशुक उवाच इत्यनुस्मृत्य स्वजनं कृष्णं च जगदीश्वरम् । प्रारुदद्दुःखिता राजन् भवतां प्रपितामही ।। १०-४९-१४ ।।

Śukadeva Gosvāmī said: Thus meditating on her family members and also on Kṛṣṇa, the Lord of the universe, your great-grandmother Kuntīdevī began to cry out in grief, O King. ।। 10-49-14 ।।

english translation

शुकदेव गोस्वामी ने कहा : हे राजन्, इस तरह अपने परिवार वालों का तथा ब्रह्माण्ड के स्वामी कृष्ण का स्मरण करके आपकी परदादी कुन्तीदेवी शोक में रोने लगीं। ।। १०-४९-१४ ।।

hindi translation

zrIzuka uvAca ityanusmRtya svajanaM kRSNaM ca jagadIzvaram | prArudadduHkhitA rAjan bhavatAM prapitAmahI || 10-49-14 ||

hk transliteration by Sanscript

समदुःखसुखोऽक्रूरो विदुरश्च महायशाः । सान्त्वयामासतुः कुन्तीं तत्पुत्रोत्पत्तिहेतुभिः ।। १०-४९-१५ ।।

Both Akrūra, who shared Queen Kuntī’s distress and happiness, and the illustrious Vidura consoled the Queen by reminding her of the extraordinary way her sons had taken birth. ।। 10-49-15 ।।

english translation

महारानी कुन्ती के सुख-दुख में हिस्सा बँटाने वाले अक्रूर तथा सुविख्यात विदुर दोनों ने ही कुन्ती को उनके पुत्रों के जन्म की असाधारण घटना की याद दिलाते हुए सान्त्वना दी। ।। १०-४९-१५ ।।

hindi translation

samaduHkhasukho'krUro vidurazca mahAyazAH | sAntvayAmAsatuH kuntIM tatputrotpattihetubhiH || 10-49-15 ||

hk transliteration by Sanscript