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नमस्ते वासुदेवाय नमः सङ्कर्षणाय च । प्रद्युम्नायानिरुद्धाय सात्त्वतां पतये नमः ।। १०-४०-२१ ।।

Obeisances to You, Lord of the Sātvatas, and to Your forms of Vāsudeva, Saṅkarṣaṇa, Pradyumna and Aniruddha. ।। 10-40-21 ।।

english translation

सात्वतों के स्वामी आपको नमस्कार है। आपके वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न तथा अनिरुद्ध रूपों को नमस्कार है। ।। १०-४०-२१ ।।

hindi translation

namaste vAsudevAya namaH saGkarSaNAya ca | pradyumnAyAniruddhAya sAttvatAM pataye namaH || 10-40-21 ||

hk transliteration by Sanscript

नमो बुद्धाय शुद्धाय दैत्यदानवमोहिने । म्लेच्छप्रायक्षत्रहन्त्रे नमस्ते कल्किरूपिणे ।। १०-४०-२२ ।।

Obeisances to Your form as the faultless Lord Buddha, who will bewilder the Daityas and Dānavas, and to Lord Kalki, the annihilator of the meat-eaters posing as kings. ।। 10-40-22 ।।

english translation

आपके शुद्ध रूप भगवान् बुद्ध को नमस्कार है, जो दैत्यों तथा दानवों को मोह लेगा। आपके कल्कि रूप को नमस्कार है, जो राजा बनने वाले मांस-भक्षकों का संहार करने वाला है। ।। १०-४०-२२ ।।

hindi translation

namo buddhAya zuddhAya daityadAnavamohine | mlecchaprAyakSatrahantre namaste kalkirUpiNe || 10-40-22 ||

hk transliteration by Sanscript

भगवन् जीवलोकोऽयं मोहितस्तव मायया । अहम्ममेत्यसद्ग्राहो भ्राम्यते कर्मवर्त्मसु ।। १०-४०-२३ ।।

O Supreme Lord, the living entities in this world are bewildered by Your illusory energy. Becoming involved in the false concepts of “I” and “my,” they are forced to wander along the paths of fruitive work. ।। 10-40-23 ।।

english translation

हे परमेश्वर, इस जगत में सारे जीव आपकी शक्ति माया से भ्रमित हैं। वे “मैं” तथा “मेरा” की मिथ्या धारणाओं में फँसकर सकाम कर्मों के मार्गों पर भटकते रहने के लिए बाध्य होते रहते हैं। ।। १०-४०-२३ ।।

hindi translation

bhagavan jIvaloko'yaM mohitastava mAyayA | ahammametyasadgrAho bhrAmyate karmavartmasu || 10-40-23 ||

hk transliteration by Sanscript

अहं चात्माऽऽत्मजागारदारार्थस्वजनादिषु । भ्रमामि स्वप्नकल्पेषु मूढः सत्यधिया विभो ।। १०-४०-२४ ।।

I too am deluded in this way, O almighty Lord, foolishly thinking my body, children, home, wife, money and followers to be real, though they are actually as unreal as a dream. ।। 10-40-24 ।।

english translation

हे शक्तिशाली विभो, मैं भी अपने शरीर, सन्तानों, घर, पत्नी, धन तथा अनुयायियों को मूर्खता से वास्तविक मानकर इस प्रकार से भ्रमित हो रहा हूँ यद्यपि ये सभी स्वप्न के समान असत्य हैं। ।। १०-४०-२४ ।।

hindi translation

ahaM cAtmA''tmajAgAradArArthasvajanAdiSu | bhramAmi svapnakalpeSu mUDhaH satyadhiyA vibho || 10-40-24 ||

hk transliteration by Sanscript

अनित्यानात्मदुःखेषु विपर्ययमतिर्ह्यहम् । द्वन्द्वारामस्तमोविष्टो न जाने त्वात्मनः प्रियम् ।। १०-४०-२५ ।।

Thus mistaking the temporary for the eternal, my body for my self, and sources of misery for sources of happiness, I have tried to take pleasure in material dualities. Covered in this way by ignorance, I could not recognize You as the real object of my love. ।। 10-40-25 ।।

english translation

इस तरह नश्वर को नित्य, अपने शरीर को आत्मा तथा कष्ट के साधनों को सुख के साधन मानते हुए मैंने भौतिक द्वन्द्वों में आनन्द उठाने का प्रयत्न किया है। इस तरह अज्ञान से आवृत होकर मैं यह नहीं पहचान सका कि आप ही मेरे प्रेम के असली लक्ष्य हैं। ।। १०-४०-२५ ।।

hindi translation

anityAnAtmaduHkheSu viparyayamatirhyaham | dvandvArAmastamoviSTo na jAne tvAtmanaH priyam || 10-40-25 ||

hk transliteration by Sanscript