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पृच्छतेमा लता बाहूनप्याश्लिष्टा वनस्पतेः । नूनं तत्करजस्पृष्टा बिभ्रत्युत्पुलकान्यहो ।। १०-३०-१३ ।।

Let us ask these creepers about Kṛṣṇa. Even though they are embracing the arms of their husband, this tree, they certainly must have been touched by Kṛṣṇa’s fingernails, since out of joy they are manifesting eruptions on their skin. ।। 10-30-13 ।।

english translation

चलो इन लताओं से कृष्ण के विषय में पूछा जाय। यद्यपि वे अपने पति रूप इस वृक्ष की बाँहों का आलिंगन कर रही हैं किन्तु अवश्य ही कृष्ण ने अपने नाखूनों से इनका स्पर्श किया होगा क्योंकि प्रसन्नता के मारे इनकी त्वचा पर फफोले प्रकट हो रहे हैं। ।। १०-३०-१३ ।।

hindi translation

pRcchatemA latA bAhUnapyAzliSTA vanaspateH | nUnaM tatkarajaspRSTA bibhratyutpulakAnyaho || 10-30-13 ||

hk transliteration by Sanscript