1.
प्रथमोऽध्यायः
Chapter 1
2.
द्वितीयोऽध्यायः
Chapter 2
3.
तृतीयोऽध्यायः
Chapter 3
4.
चतुर्थोऽध्यायः
Chapter 4
5.
पञ्चमोऽध्यायः
Chapter 5
•
षष्ठोऽध्यायः
Chapter 6
7.
सप्तमोऽध्यायः
Chapter 7
8.
अष्टमोऽध्यायः
Chapter 8
9.
नवमोऽध्यायः
Chapter 9
10.
दशमोऽध्यायः
Chapter 10
11.
एकादशोऽध्यायः
Chapter 11
12.
द्वादशोऽध्यायः
Chapter 12
13.
त्रयोदशोऽध्यायः
Chapter 13
14.
चतुर्दशोऽध्यायः
Chapter 14
15.
पञ्चदशोऽद्ध्ययाः
Chapter 15
16.
षोडशोऽध्यायः
Chapter 16
17.
सप्तदशोऽध्यायः
Chapter 17
18.
अष्टादशोऽध्यायः
Chapter 18
19.
एकोनविंशोऽध्यायः
Chapter 19
20.
विंशोऽध्यायः
Chapter 20
21.
एकविंशोऽध्यायः
Chapter 21
22.
द्वाविंशोऽध्यायः
Chapter 22
23.
त्रयोविंशोऽध्यायः
Chapter 23
24.
चतुर्विंशोऽध्यायः
Chapter 24
Progress:21.2%
क्षिप्त्वा क्षीरोदधौ सर्वा वीरुत्तृणलतौषधीः । मन्थानं मन्दरं कृत्वा नेत्रं कृत्वा तु वासुकिम् ।। ८-६-२२ ।।
sanskrit
O demigods, cast into the Ocean of Milk all kinds of vegetables, grass, creepers and drugs. Then, with My help, making Mandara Mountain the churning rod and Vāsuki the rope for churning, ।। 8-6-22 ।।
english translation
हे देवताओ! क्षीरसागर में सभी प्रकार की वनस्पतियाँ, तृण, लताएँ तथा औषधियाँ डाल दो। तब मेरी सहायता से मन्दर पर्वत को मथानी तथा वासुकि को मथने की रस्सी बनाकर ।। ८-६-२२ ।।
hindi translation
kSiptvA kSIrodadhau sarvA vIruttRNalatauSadhIH | manthAnaM mandaraM kRtvA netraM kRtvA tu vAsukim || 8-6-22 ||
hk transliteration by SanscriptSrimad Bhagavatam
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क्षिप्त्वा क्षीरोदधौ सर्वा वीरुत्तृणलतौषधीः । मन्थानं मन्दरं कृत्वा नेत्रं कृत्वा तु वासुकिम् ।। ८-६-२२ ।।
sanskrit
O demigods, cast into the Ocean of Milk all kinds of vegetables, grass, creepers and drugs. Then, with My help, making Mandara Mountain the churning rod and Vāsuki the rope for churning, ।। 8-6-22 ।।
english translation
हे देवताओ! क्षीरसागर में सभी प्रकार की वनस्पतियाँ, तृण, लताएँ तथा औषधियाँ डाल दो। तब मेरी सहायता से मन्दर पर्वत को मथानी तथा वासुकि को मथने की रस्सी बनाकर ।। ८-६-२२ ।।
hindi translation
kSiptvA kSIrodadhau sarvA vIruttRNalatauSadhIH | manthAnaM mandaraM kRtvA netraM kRtvA tu vAsukim || 8-6-22 ||
hk transliteration by Sanscript