Progress:74.9%

श्रीशुक उवाच इत्याचरन्तं सद्धर्मान् पावनान् गृहमेधिनाम् । तमेव सर्वगेहेषु सन्तमेकं ददर्श ह ।। १०-६९-४१ ।।

Śukadeva Gosvāmī said: Thus in every palace Nārada saw the Lord in His same personal form, executing the transcendental principles of religion that purify those engaged in household affairs. ।। 10-69-41 ।।

english translation

शुकदेव गोस्वामी ने कहा: इस प्रकार हर महल में नारद ने भगवान को उनके उसी व्यक्तिगत रूप में देखा, जो धर्म के पारलौकिक सिद्धांतों को क्रियान्वित कर रहे थे जो घरेलू मामलों में लगे लोगों को शुद्ध करते हैं। ।। १०-६९-४१ ।।

hindi translation

zrIzuka uvAca ityAcarantaM saddharmAn pAvanAn gRhamedhinAm | tameva sarvageheSu santamekaM dadarza ha || 10-69-41 ||

hk transliteration by Sanscript