कच्चिद्वः कुशलं ब्रह्मन् राजतो यस्य हि प्रजाः । सुखं वसन्ति विषये पाल्यमानाः स मे प्रियः ॥ १०-५२-३४ ॥
O brāhmaṇa, is your King attending to your welfare? Indeed, that king in whose country the citizens are happy and protected is very dear to Me ॥ 10-52-34 ॥
english translation
हे ब्राह्मण, क्या तुम्हारा राजा तुम्हारे कल्याण का ध्यान रख रहा है? सचमुच, जिस राजा के देश में प्रजा सुखी और सुरक्षित रहती है, वह मुझे अत्यंत प्रिय है ॥ १०-५२-३४ ॥
hindi translation