यथाबुधो जलं हित्वा प्रतिच्छन्नं तदुद्भवैः । अभ्येति मृगतृष्णां वै तद्वत्त्वाहं पराङ्मुखः ॥ १०-४०-२६ ॥
Just as a fool overlooks a body of water covered by the vegetation growing in it and chases a mirage, so I have turned away from You. ॥ 10-40-26 ॥
english translation
जिस तरह कोई मूर्ख व्यक्ति जल के अन्दर उगी हुई वनस्पति से ढके हुए जल की उपेक्षा करके मृगतृष्णा के पीछे दौड़ता है उसी तरह मैंने आपसे मुख मोड़ रखा है। ॥ १०-४०-२६ ॥
hindi translation