श्रीशुक उवाच एवमुक्तो भगवता सोऽक्रूरो विमना इव । पुरीं प्रविष्टः कंसाय कर्मावेद्य गृहं ययौ ॥ १०-४१-१८ ॥
Śukadeva Gosvāmī said: Thus addressed by the Lord, Akrūra entered the city with a heavy heart. He informed King Kaṁsa of the success of his mission and then went home. ॥ 10-41-18 ॥
english translation
शुकदेव गोस्वामी ने कहा : भगवान् द्वारा ऐसे सम्बोधित किये जाने पर अक्रूर भारी मन से नगर में प्रविष्ट हुए। उन्होंने राजा कंस को अपने ध्येय की सफलता से सूचित किया और तब वे अपने घर चले गये। ॥ १०-४१-१८ ॥
hindi translation