नन्द उवाच श्रूयतां मे वचो गोपा व्येतु शङ्का च वोऽर्भके । एनं कुमारमुद्दिश्य गर्गो मे यदुवाच ह ॥ १०-२६-१५ ॥
Nanda Mahārāja replied: O cowherd men, just hear my words and let all your doubts concerning my son be gone. Some time ago Garga Muni spoke to me as follows about this boy. ॥ 10-26-15 ॥
english translation
नन्द महाराज ने उत्तर दिया: हे ग्वालो, जरा मेरी बातें सुनो और मेरे पुत्र के विषय में जो अपनी शंकाएँ हों उन्हें दूर कर दो। कुछ समय पहले गर्ग मुनि ने इस बालक के विषय में मुझसे इस प्रकार कहा था। ॥ १०-२६-१५ ॥
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