तस्यां त्रितस्योशनसो मनोश्च पृथोरथाग्नेरसितस्य वायोः । तीर्थं सुदासस्य गवां गुहस्य यच्छ्राद्धदेवस्य स आसिषेवे ॥ ३-१-२२ ॥
On the bank of the river Sarasvatī there were eleven places of pilgrimage, namely (1) Trita, (2) Uśanā, (3) Manu, (4) Pṛthu, (5) Agni, (6) Asita, (7) Vāyu, (8) Sudāsa, (9) Go, (10) Guha and (11) Śrāddhadeva. Vidura visited all of them and duly performed rituals. ॥ 3-1-22 ॥
english translation
सरस्वती नदी के तट पर ग्यारह तीर्थस्थल थे जिनके नाम हैं (१) त्रित (२) उशना (३) मनु (४) पृथु (५) अग्नि (६) असित (७) वायु (८) सुदास (९) गो (१०) गुह तथा (११) श्राद्धदेव। विदुर इन सबों में गये और ठीक से कर्मकाण्ड किये। ॥ ३-१-२२ ॥
hindi translation