सातत्यात्त्वस्याः पुरुषेण कण्डूतिरपनुद्यते ।। ११ ।।
Because she has no ejaculation of sperm. Then why does she unite with the man? Only friction with the man's penis calms the itching of her vulva.
english translation
यदि स्त्री को स्खलन सुख प्राप्त नहीं होता, तो वह पुरुष के साथ समागम क्यों करती है ? पुरुष के शिश्न के साथ निरन्तर संघर्षण से स्त्री की खाज मिट जाती है ॥ ११ ॥
Although she can bring herself to sexual enjoyment, she prefers another form of satisfaction.
english translation
पूर्वपक्ष की शंका का उत्तर-पुरुष के साथ समागम से उसकी खाज ही नहीं मिटती, बल्कि आलिङ्गन, चुम्बन आदि सुखात्मक उपक्रियाओं से वह अनिर्वचनीय सुख भी प्राप्त करती है, और यह अनुभव भी करती है कि मैं आनन्दित हूँ ॥ १२ ॥
पुरुषप्रीतेश्चानभिज्ञत्वात् कथं ते सुखमिति प्रष्टुमशक्यत्वात् ॥ १३ ॥
How can one know whether a woman does or does not experience sexual enjoyment similar to a man's? Neither man nor woman can know the pleasure experienced by the other. One cannot perceive a man's feelings. How could one describe his sexual enjoyment?
english translation
श्वेतकेतु के मत पर शङ्का जब पुरुष और स्त्री को एक दूसरे की सुखानुभूति का पता ही नहीं चलता, और मानसिक आनन्द शब्दों का विषय न होने से पूछकर भी निश्चित नहीं किया जा सकता, तब आपने यह कैसे जाना कि स्त्री की सुखानुभूति पुरष की सुखानुभूति से भिन्न है ? ।। १३ ।।
hindi translation
puruSaprItezcAnabhijJatvAt kathaM te sukhamiti praSTumazakyatvAt || 13 ||
कथमेतदुपलभ्यत इति चेत् ? पुरुषो हि रतिमधिगम्य स्वेच्छया विरमति, न स्त्रियमपेक्षते, न त्वेवं स्त्रीत्यौद्दालकिः ।। १४ ।।
"How can one know therefore whether a woman feels a pleasure similar to a man's? A man's excitement ceases once he has ejaculated. A woman's need is not satisfied at that point, since woman's nature is not like a man's."
english translation
श्वेतकेतु का समाधान - यदि आपने इस बात को कैसे जाना ?' - यह शंका करो तो मेरे जानने का यही कारण है कि पुरुष स्खलन-सुख के पश्चात् समागम से स्वयं विरत हो जाता है, फिर स्त्री की अपेक्षा नहीं करता, परन्तु स्त्रियों में ऐसा नहीं मिलता। इससे स्पष्ट होता है कि उसे स्खलन-सुख प्राप्त नहीं होता- ऐसा उद्दालक पुत्र क्षेतकेतु का मत है ॥ १४ ॥
hindi translation
kathametadupalabhyata iti cet ? puruSo hi ratimadhigamya svecchayA viramati, na striyamapekSate, na tvevaM strItyauddAlakiH || 14 ||
One thing certain is that a man whose activity lasts long pleases women, while on the other hand they complain of men who reach orgasm rapidly.
english translation
इस विषय में एक बात अवश्य है कि स्त्रियों चिरकाल तक समागम करने वाले पुरुषों से. प्रेम करती हैं, और शीघ्र स्खलित होने वाले पुरुषों की स्खलन-सुख न प्राप्त करने के कारण, निन्दा करती हैं। यह सब स्खलन सुख की प्राप्ति और अप्राप्ति का लक्षण है। अर्थात् जब स्त्रिय पुरुषों से प्रेम करें, तभी समझना चाहिये कि उन्हें स्खलन-सुख प्राप्त हुआ है, अन्यथा नहीं ॥ १५ ॥