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नाविन्दच्छत्रुभवनाद्भोज्यां कन्यामहारषीत् । रथस्थां तां निरीक्ष्याह शैब्या पतिममर्षिता ।। ९-२३-३६ ।।

He could not accept another wife. Jyāmagha once took from the house of some royal enemy a girl who was a prostitute, but upon seeing her Śaibyā was very angry and said to her husband, ।। 9-23-36 ।।

english translation

अतएव उसने दूसरा विवाह नहीं किया। एक बार ज्यामघ किसी शत्रु राजा के खेमे से एक लडक़ी ले आया जो एक वेश्या थी। किन्तु उसे देखकर शैब्या अत्यन्त क्रुद्ध हुई और उसने अपने पति से कहा ।। ९-२३-३६ ।।

hindi translation

nAvindacchatrubhavanAdbhojyAM kanyAmahAraSIt | rathasthAM tAM nirIkSyAha zaibyA patimamarSitA || 9-23-36 ||

hk transliteration by Sanscript

केयं कुहक मत्स्थानं रथमारोपितेति वै । स्नुषा तवेत्यभिहिते स्मयन्ती पतिमब्रवीत् ।। ९-२३-३७ ।।

“My husband, you cheater, who is this girl sitting upon my seat on the chariot?” Jyāmagha then replied, “This girl will be your daughter-in-law.” Upon hearing these joking words, Śaibyā smilingly replied. ।। 9-23-37 ।।

english translation

“क्यों रे धूर्त! यह लडक़ी कौन है जो रथ में मेरे आसन पर बैठी है?” तब ज्यामघ ने उत्तर दिया “यह लडक़ी तुम्हारी बहू (पुत्रवधू) होगी।” इन विनोदपूर्ण शब्दों को सुनकर शैब्या ने हँसते हुए उत्तर दिया। ।। ९-२३-३७ ।।

hindi translation

keyaM kuhaka matsthAnaM rathamAropiteti vai | snuSA tavetyabhihite smayantI patimabravIt || 9-23-37 ||

hk transliteration by Sanscript

अहं वन्ध्यासपत्नी च स्नुषा मे युज्यते कथम् । जनयिष्यसि यं राज्ञि तस्येयमुपयुज्यते ।। ९-२३-३८ ।।

Śaibyā said, “I am sterile and have no co-wife. How can this girl be my daughter-in-law? Please tell me.” Jyāmagha replied, “My dear Queen, I shall see that you indeed have a son and that this girl will be your daughter-in-law.” ।। 9-23-38 ।।

english translation

शैब्या ने कहा, “मैं बाँझ हूँ और मेरी कोई सौत भी नहीं है। भला यह लडक़ी मेरी बहू (पुत्रवधू) कैसे बन सकती है?” ज्यामघ ने उत्तर दिया, “मेरी रानी! मैं देखूँगा कि तुम्हारे सचमुच पुत्र होगा और यह लडक़ी तुम्हारी बहू बनेगी।” ।। ९-२३-३८ ।।

hindi translation

ahaM vandhyAsapatnI ca snuSA me yujyate katham | janayiSyasi yaM rAjJi tasyeyamupayujyate || 9-23-38 ||

hk transliteration by Sanscript

अन्वमोदन्त तद्विश्वेदेवाः पितर एव च । शैब्या गर्भमधात्काले कुमारं सुषुवे शुभम् । स विदर्भ इति प्रोक्त उपयेमे स्नुषां सतीम् ।। ९-२३-३९ ।।

Long, long ago, Jyāmagha had satisfied the demigods and Pitās by worshiping them. Now, by their mercy, Jyāmagha’s words came true. Although Śaibyā was barren, by the grace of the demigods she became pregnant and in due course of time gave birth to a child named Vidarbha. Before the child’s birth, the girl had been accepted as a daughter-in-law, and therefore Vidarbha actually married her when he grew up. ।। 9-23-39 ।।

english translation

बहुत काल पूर्व ज्यामघ ने देवताओं तथा पितरों की पूजा करके उन्हें प्रसन्न कर लिया था। अब उन्हीं की दया से ज्यामघ के शब्द सही उतरे। यद्यपि शैब्या बाँझ थी लेकिन देवताओं की कृपा से वह गर्भिणी हुई और समय आने पर उसने विदर्भ नामक शिशु को जन्म दिया। चूँकि शिशु के जन्म के पूर्व ही उस लडक़ी को बहू रूप में स्वीकार किया जा चुका था अतएव जब विदर्भ सयाना हुआ तो उसने उसके साथ विवाह कर लिया। ।। ९-२३-३९ ।।

hindi translation

anvamodanta tadvizvedevAH pitara eva ca | zaibyA garbhamadhAtkAle kumAraM suSuve zubham | sa vidarbha iti prokta upayeme snuSAM satIm || 9-23-39 ||

hk transliteration by Sanscript