Just then the child inhaled, drawing Mārkaṇḍeya within His body like a mosquito. There the sage found the entire universe arrayed as it had been before its dissolution. Seeing this, Mārkaṇḍeya was most astonished and perplexed. ।। 12-9-27 ।।
english translation
तभी बच्चे ने श्वास लेते हुए मच्छर की तरह मार्कण्डेय को अपने शरीर में खींच लिया। वहाँ ऋषि ने संपूर्ण ब्रह्माण्ड को वैसा ही व्यवस्थित पाया जैसा कि उसके प्रलय से पहले था। यह देखकर मार्कण्डेय अत्यंत आश्चर्यचकित और भ्रमित हो गये। ।। १२-९-२७ ।।