By worship of this subtle form of the Vedas, O brāhmaṇa, mystic sages cleanse their hearts of all contamination caused by impurity of substance, activity and doer, and thus they attain freedom from repeated birth and death. ।। 12-6-38 ।।
english translation
हे ब्राह्मण, वेदों के इस सूक्ष्म रूप की पूजा करके, रहस्यवादी ऋषि अपने हृदय को पदार्थ, गतिविधि और कर्ता की अशुद्धता के कारण होने वाले सभी प्रदूषण से शुद्ध करते हैं, और इस प्रकार वे बार-बार जन्म और मृत्यु से मुक्ति प्राप्त करते हैं। ।। १२-६-३८ ।।