When the Yogi performs Samyama on his own body then the connection between the eye and the light get obstructed of other person and due to this that person is not able to see the body of the Yogi consequently the body of a Yogi is invisible.
english translation
जब योगी स्वयं अपने शरीर के रूप में संयम कर लेता है तो उससे दूसरे व्यक्तियों की आँखों का रोशनी के साथ सम्बन्ध टूट जाता है । जिससे उनकी योगी के शरीर को देखने की शक्ति रुक जाती है । इस कारण योगी का शरीर एक प्रकार से अदृश्य अर्थात दिखाई नहीं देता है ।
सोपक्रमं निरुपक्रमं च कर्म तत्संयमादपरान्तज्ञानमरिष्टेभ्यो वा ॥३-२२॥
Karma is either sopakrama-with the advance of krama-sequential progression (fast in manifesting) or Nirupakrama-against the advance of krama (slow in manifesting). By Sanyama on those Karmas or inauspicious signs that give knowledge of death; the Yogi gets foreknowledge of death.
english translation
शीघ्र या विलम्ब से फल देने वाले कर्माशयों में संयम करने से या मृत्यु का ज्ञान कराने वाले अशुभ संकेतों से योगी को मृत्यु का पूर्व ज्ञान हो जाता है ।
hindi translation
sopakramaM nirupakramaM ca karma tatsaMyamAdaparAntajJAnamariSTebhyo vA ||3-22||
By making Sanyama on Maitri (friendliness), Karuna (Compassion) etc. one can develops power in all these.
english translation
मैत्री, करुणा, मुदिता इन तीन चित्त की प्रसन्नता करने वाले उपायों में संयम (धारणा-ध्यान और समाधि का अभ्यास करने से) योगी को मित्रता आदि विषयों में बल की प्राप्ति होती है ।
By applying the effulgeant light of higher sense-perception (Jyotishmati) knowledge of subtle objects, or things obstructed from view, or laced at a great distance, can be acquired.
english translation
जब योगी द्वारा मन की प्रकाशमय प्रवृत्ति में संयम किया जाता है । तब उसे जो वस्तु या पदार्थ दिखाई नहीं देते, जो किसी आवरण या पर्दे के अन्दर हैं या किसी दूर देश में स्थित हैं । उन सभी वस्तुओं या पदार्थों का उसे भली- भाँति ज्ञान हो जाता है ।