भवन्ति चात्र श्लोकाः- नास्त्यत्र गणना काचिन्न च शास्त्रपरिग्रहः । प्रवृत्ते रतिसंयोगे राग एवात्र कारणम् ॥ ३१ ॥
A countless number of people are imprudent and ignorant of the rules and, driven by passion in the ardor of their erotic practices, are unable to measure the consequences.
english translation
घातक प्रहारों का कारण कामातिरेक जब पुरुष कामान्ध होकर समागम में प्रवृत्त होता है, तब वह न तो परवर्ती दुष्परिणामों की चिन्ता करता है और न शास्त्र के बन्धनों का विचार करता है। अतएव दुष्परिणामों का एकमात्र कारण उसका राग (कामातिरेक) ही हैं ॥ ३१ ॥
स्वप्नेष्वपि न दृश्यन्ते ते भावास्ते च विभ्रमाः । सुरतव्यवहारेषु ये स्युस्तत्क्षणकल्पिताः ॥ ३२ ॥
The fantasies a man invents under the effect of erotic excitation are not imaginable even in dreams.
english translation
समागमकाल में मनुष्य के मन और मस्तिष्क में जो जो भाव और विभ्रम उत्पन्न होते हैं, वे न तो स्वप्न में सोचे जा सकते हैं और न शास्त्र में ही कहे गये होते हैं ॥ ३२ ॥
hindi translation
svapneSvapi na dRzyante te bhAvAste ca vibhramAH | suratavyavahAreSu ye syustatkSaNakalpitAH || 32 ||
यथा हि पञ्चमीं धारामास्थाय तुरगः पथि । स्थाणुं वदरीं वापि वेगान्धो न समीक्षते ॥ एवं सुरतसम्मर्दे रागान्धी कामिनावपि। चण्डवेगी प्रवर्तते समीक्षेते न चात्ययम् ॥ ३३ ॥
Like a speed-maddened horse, flying at a gallop and seeing neither holes nor ditches, two lovers blinded by desire and making furious love do not take account of the risks involved in their conduct.
english translation
कामान्धता पर एक दृष्टान्त-जिस प्रकार पाँचवी धारागति (जब) में दौड़ता हुआ वेगान्ध अध मार्ग के स्तम्भ, गर्त (गड्ढे), खन्दक आदि को नहीं देख पाता, और विनाश को प्राप्त होता है; इसी प्रकार कामान्ध स्त्री-पुरुष चण्डवेग से सम्भोग करते हुए सुरतसम्मद (नखक्षत, दन्तक्षत, कुचमर्दन, ग्रहणन आदि) के दुष्परिणामों को नहीं सोच पाते, और विनाश (अङ्गभङ्ग या मृत्यु) को प्राप्त होते हैं ।। ३३ ।।
hindi translation
yathA hi paJcamIM dhArAmAsthAya turagaH pathi | sthANuM vadarIM vApi vegAndho na samIkSate || evaM suratasammarde rAgAndhI kAminAvapi| caNDavegI pravartate samIkSete na cAtyayam || 33 ||
This is why in his sexual behavior with a girl, an educated man takes into account his own strength and the fragility of his partner. He knows how to check the violence of his impulses, as well as the girl's limitations of endurance.
english translation
अतएव कामतत्वविद् को स्त्री की सुकुमारता एवं सहनशक्ति और काम की प्रचण्डता को विचार कर तथा अपनी शारीरिक शक्ति का अनुमान करके ही समागम में प्रवृत्त होना चाहिये ॥ ३४ ॥
न सर्वदा न सर्वासु प्रयोगाः सांप्रयोगिकाः । स्थाने देशे च काले च योग एषां विधीयते ॥ ३५ ॥
In love, not all kinds of action can be practiced at all times with all women. In amorous practices, the man's behavior should take into account the place, the country, and the moment.
english translation
समागमकाल में जो प्रयोग अब तक बताये गये हैं, उनका प्रयोग न सदा होता है और न सभी स्त्रियों पर अपितु स्थान एवं देशकाल के अनुरूप ही इनका प्रयोग करना चाहिये ॥ ३५ ॥
hindi translation
na sarvadA na sarvAsu prayogAH sAMprayogikAH | sthAne deze ca kAle ca yoga eSAM vidhIyate || 35 ||