Sexuality must be satisfied, in the first place, within the caste. This is true for all four castes. By marrying one's son to a virgin, as prescribed, one acquires a good reputation and general esteem.
english translation
नायिकाविचार - ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र- इन चारों वर्णों में से किसी भी वर्ग वाले पुरुष का सवर्णा कुमारी में शास्त्रीय विधानपूर्वक प्रयुज्यमान (प्रवृत्त हुआ) काम ही और पुत्र और यश का कारण तथा लोकधर्म के अनुकूल होता है ॥ १ ॥
तद्विपरीत उत्तमवर्णासु परपरिगृहीतासु च । प्रतिषिद्धोऽवरवर्णास्व- निरवसितासु । वेश्यासु पुनर्भूषु च न शिष्टो न प्रतिषिद्धः । सुखार्थत्वात् ॥ २ ॥
Sexual relations are forbidden with women of lower or superior caste, or with married women of one's own caste. This is not the case, however, of relations with prostitutes or widows, provided that it is only for pleasure.
english translation
अपने से उच्चवर्ग की या परोढ़ा (अन्य द्वारा विवाहित) स्त्री में प्रयुज्यमान काम इसके विपरीत हैं, अर्थात् लोकविरुद्ध भी हैं और अपयश का कारण भी इसी प्रकार अपने से निम्न वर्ग की या पात्रबहिष्कृत स्त्रियों में भी काम निषिद्ध है। वेश्याओं और पुनर्भू स्त्रियों में कामसम्बन्ध न तो विहित है और न निषिद्ध ही, क्योंकि उनसे कामसम्बन्ध तो मात्र रतिसुख के लिये है, न सन्तानोत्पत्ति के लिये है और न धार्मिक कृत्यों के लिये ॥ २ ॥
hindi translation
tadviparIta uttamavarNAsu paraparigRhItAsu ca | pratiSiddho'varavarNAsva- niravasitAsu | vezyAsu punarbhUSu ca na ziSTo na pratiSiddhaH | sukhArthatvAt || 2 ||
अन्यकारणवशात् परपरिगृहीतापि पाक्षिकी चतुर्थीति गोणिकापुत्रः ॥ ४ ॥
Because she belongs to another, a consenting married woman [pakshiki] forms a fourth category according to Gonikaputra.
english translation
अन्य कारणों से कथित नायिकाएँ - अन्य कारणवश परकीया (परनारी) भी चतुर्थी नायिका होती हैं—ऐसा गोणिकापुत्र कहते हैं। परदारा पाक्षिकी नायिका है, अर्थात् यह विशिष्ट परिस्थितियों में ही अनुमत है, सामान्य रूप में नहीं ॥ ४ ॥