एतेन रचितोद्ग्राहोदकानां ग्रीष्ये जलक्रीडागमनं व्याख्यातम् ॥ २६ ।।
During the summer, one goes where there is plenty of water, for water games.
english translation
जलक्रीड़ा-उद्यानविहार के समान ही ग्रीष्मकाल में जलविहार भी करना चाहिये, लेकिन यह उन कृत्रिम सरोवरों में ही होना चाहिये, जहाँ मगरमच्छ आदि का भय न हो ॥ २६ ॥
During parties in the country, one amuses oneself by opening mangoes, eating cakes and lotus stalks, gathering fresh leaves, imitating the cry of the lion by using bamboos filled with water, making puns, gathering the red cotton plant flowers, battling with kadamba fruits [Anthocephalus cadamba], praising one's respective country, playing games from different regions.
english translation
आंचलिक क्रीड़ा—सहकारभञ्जिका (वृक्ष से आम तोड़ना), अभ्यूषखादिका (कच्चे फलों को भूनकर खाना), मिसखादिका (कमलदण्ड खाना), नवपत्रिका (किसलयों से शृङ्गार), उदकश्वेड़िया (बाँस की पोरी में जल भरकर सिंहनाद करना), पाञ्चालानुयान (शालभञ्जिका या कठपुतली नृत्य), एकशाल्मली (शाल्मली वृक्ष पर क्रीड़ा करना), कदम्वयुद्ध (कदम्ब के फूलों से प्रहार करना)- इन आंचलिक और सार्वदेशिक क्रीड़ाओं को नागरकगण अपनी रुचि के अनुरूप खेलें। सामूहिक क्रीड़ाओं का वर्णन समाप्त हुआ ॥ २८ ॥
गणिकाया नायिकायाश्च सखीभिर्नागरकैश्च सह चरितमेतेन व्याख्यातम् ॥ ३० ॥
Later on, we shall describe the proper behavior of wellbred people with courtesans, with their mistresses, and with their friends.
english translation
इससे नागरकों के साथ ही गणिकाओं, नायिकाओं और सखियों का चरित भी कह दिया गया है, अर्थात् एकाकी होने पर गणिकाएँ, नायिकाएँ और सखियाँ भी अपने वैभव के अनुरूप ही सेवक सहचरों के साथ उत्सव मनायें ॥ ३० ॥
hindi translation
gaNikAyA nAyikAyAzca sakhIbhirnAgarakaizca saha caritametena vyAkhyAtam || 30 ||