The rules of virtue, which are connected with the spiri¬ tual life, can only be known through authoritative texts. The secrets of material success, on the other hand, are a matter of experience, and the texts merely indicate how such experience should be put into practice.
english translation
धर्मादि की प्रतिपत्ति-धर्म अलौकिक है, इसलिये उसके स्वरूप का बोध कराने वाले शास्त्र का होना युक्तिसङ्गत भी है और आवश्यक भी अर्थ की सिद्धि भी उपायों से ही होती है। अतएव इन उपायों को बताने वाले अर्थशास्त्र की भी आवश्यकता है ॥ १६ ॥
तिर्यग्योनिष्वपि तु स्वयं प्रवृत्तत्वात् कामस्य नित्यत्वाच्च न शास्त्रेण कृत्यमस्तीत्याचार्याः ॥ १७ ॥
Since eroticism is a universal natural phenomenon, common to all animals, certain authors ask why a treatise on eroticism is needed.
english translation
कामशास्त्र की आवश्यकता पशु-पक्षियों में भी काम की स्वतः प्रवृत्ति पायी जाती है तथा यह नित्य (अविनाशी) है, अतः इसे सिखाने के लिये शास्त्र की आवश्यकता नहीं है- ऐसा कुछ आचार्यों का मत है ॥ १७ ॥
hindi translation
tiryagyoniSvapi tu svayaM pravRttatvAt kAmasya nityatvAcca na zAstreNa kRtyamastItyAcAryAH || 17 ||
Among animal species with a relatively low level of consciousness, the females, urged on by an unconscious instinct, behave according to their desire when the season arrives.
english translation
मनुष्यों में शास्त्ररूपी उपाय की आवश्यकता क्यों है ?- पशु-पक्षियों में स्त्री जाति अनावृत- स्वतन्त्र बन्धनरहित एवं आवरणरहित रहती है, ऋतुकाल में ही उनकी सोद्देश्य प्रवृत्ति होती है, और यह प्रवृत्ति बुद्धिपूर्वक नहीं होती, अतः उनका सहज धर्म किसी शास्त्ररूपी उपाय की आवश्यकता नहीं रखता ॥ २० ॥