Kamasutra

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तिर्यग्योनिषु पुनरनावृतत्वात् स्त्रीजातेश्च ऋतौ यावदर्थं प्रवृत्तेरबुद्धिपूर्वक- त्वाच्य प्रवृत्तीनामनुपायः प्रत्ययः ॥ २० ॥

Among animal species with a relatively low level of consciousness, the females, urged on by an unconscious instinct, behave according to their desire when the season arrives.

english translation

मनुष्यों में शास्त्ररूपी उपाय की आवश्यकता क्यों है ?- पशु-पक्षियों में स्त्री जाति अनावृत- स्वतन्त्र बन्धनरहित एवं आवरणरहित रहती है, ऋतुकाल में ही उनकी सोद्देश्य प्रवृत्ति होती है, और यह प्रवृत्ति बुद्धिपूर्वक नहीं होती, अतः उनका सहज धर्म किसी शास्त्ररूपी उपाय की आवश्यकता नहीं रखता ॥ २० ॥

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