दृष्टिः स्थिरा यस्य विनैव लक्ष्यात् वायुः स्थिरो यस्य विना प्रयत्नात् I चित्तं स्थिरं यस्य विनावलम्बात् ' स एव योगी स गुरुः स सेव्यः ॥४-२५॥
A yogi is considered a guru, whose gaze is fixed without an object, vayu is steady without effort and the mind is stable without an object of concentration. Such a yogi should be accepted as a guru.
english translation
उस योगी को गुरु माना जाता है, जिसकी दृष्टि बिना किसी वस्तु के स्थिर होती है, वायु बिना किसी प्रयास के स्थिर होती है और मन बिना किसी वस्तु के स्थिर होता है। ऐसे योगी को गुरु के रूप में स्वीकार करना चाहिए।
hindi translation