मुनौ निक्षिप्य तनयौ सीता भर्त्रा विवासिता । ध्यायन्ती रामचरणौ विवरं प्रविवेश ह ॥ ९-११-१५ ॥
Being forsaken by her husband, Sītādevī entrusted her two sons to the care of Vālmīki Muni. Then, meditating upon the lotus feet of Lord Rāmacandra, she entered into the earth. ॥ 9-11-15 ॥
english translation
अपने पति द्वारा परित्यक्ता सीतादेवी ने अपने दोनों पुत्रों को वाल्मीकि मुनि की देखरेख में छोड़ दिया। तत्पश्चात् भगवान् रामचन्द्र के चरणकमलों का ध्यान करती हुईं वे पृथ्वी में प्रविष्ट हो गईं। ॥ ९-११-१५ ॥
hindi translation