ब्रह्मोवाच तातेमे दुर्लभाः पुंसां यान् वृणीषे वरान् मम । तथापि वितराम्यङ्ग वरान् यदपि दुर्लभान्॥ ७-४-२ ॥
Lord Brahmā said: O Hiraṇyakaśipu, these benedictions for which you have asked are difficult to obtain for most men. Nonetheless, O my son, I shall grant you them although they are generally not available. ॥ 7-4-2 ॥
english translation
ब्रह्माजी ने कहा : हे हिरण्यकशिपु, तुमने जो वर माँगे हैं, वे अधिकांश मनुष्यों को बड़ी कठिनाई से प्राप्त हो पाते हैं। हे पुत्र, यद्यपि ये वर सामान्यतया उपलब्ध नहीं हो पाते, तथापि मैं तुम्हें प्रदान करूँगा। ॥ ७-४-२ ॥
hindi translation