From beginning to end, the Śrīmad-Bhāgavatam is full of narrations that encourage renunciation of material life, as well as nectarean accounts of Lord Hari’s transcendental pastimes, which give ecstasy to the saintly devotees and demigods. ।। 12-13-11 ।।
english translation
आरंभ से अंत तक, श्रीमद-भागवत उन आख्यानों से भरा है जो भौतिक जीवन के त्याग को प्रोत्साहित करते हैं, साथ ही भगवान हरि की दिव्य लीलाओं के अमृतमय वर्णन भी हैं, जो संत भक्तों और देवताओं को परमानंद देते हैं। ।। १२-१३-११ ।।