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कौर्मं धान्वन्तरं मात्स्यं वामनं च जगत्पतेः । क्षीरोदमथनं तद्वदमृतार्थे दिवौकसाम् ।। १२-१२-२० ।।

The Bhāgavatam also tells of the appearances of the Lord of the universe as Kūrma, Matsya, Narasiṁha and Vāmana, and of the demigods’ churning of the Milk Ocean to obtain nectar. ।। 12-12-20 ।।

english translation

भागवत ब्रह्माण्ड के भगवान के कूर्म, मत्स्य, नरसिंह और वामन के रूप में प्रकट होने और देवताओं द्वारा अमृत प्राप्त करने के लिए क्षीर सागर के मंथन के बारे में भी बताता है। ।। १२-१२-२० ।।

hindi translation

kaurmaM dhAnvantaraM mAtsyaM vAmanaM ca jagatpateH | kSIrodamathanaM tadvadamRtArthe divaukasAm || 12-12-20 ||

hk transliteration by Sanscript