चुम्बननखदशनच्छेद्यानां न पौर्वापर्यमस्ति । रागयोगात् प्राक्संयोगादेषां प्राधान्येन प्रयोगः । प्रहणनसीत्कृतयोश्च सम्प्रयोगे ॥ १ ॥
There are no special moments in which kissing, scratch¬ ing, and biting should be employed, since they are con¬ stantly used in amorous relations and preliminaries. Slaps and sighs are also a part of sexual practice.
english translation
चुम्बन, नखक्षत, दन्तक्षत – इन तीनों में पूर्व और अपर का क्रम नहीं है, क्योंकि ये तीनों ही उपक्रियाएँ राग के योग से होती हैं प्रायः समागम से पूर्व काम को उत्तेजित करने के निमित्त इनका प्रयोग होता है समागम के समय तो केवल प्रहणन और सीत्कार का ही प्रयोग होता है ॥ १ ॥
सर्व सर्वत्र रागस्यानपेक्षितत्वात्। इति वात्स्यायनः ॥ २ ॥
Passion knows no rules, nor place, nor time, Vatsyayana declares.
english translation
चुम्बन आदि सभी उपक्रियाओं का प्रयोग शिश्नप्रवेश के पहले और बाद में सर्वत्र किया जा सकता है, क्योंकि इनके प्रयोग में नायक-नायिका दोनों के राग की अपेक्षा नहीं है यह आचार्य वात्स्यायन का मत है ॥ २ ॥
तानि प्रथमरते नातिव्यक्तानि विश्वब्धिकायां विकल्पेन च प्रयुज्जीत । तथाभूतत्वाद्रागस्य । ततः परमतित्वरया विशेषवत्समुच्चयेन रागसंधुक्षणार्थम् ॥ ३ ॥
During the preliminaries, they should not be overindulged in, and once confidence has been established, they should be used prudently. Even when excitation is evident, great care should be taken, especially if they are combined the better to inflame desire.
english translation
प्रथम समागम में चुम्बन आदि का एक साथ और अतिव्यक्त प्रयोग नहीं करना चाहिये और कुछ विश्रब्ध नायिका में इनका वैकल्पिक प्रयोग करना चाहिये, क्योंकि राग को यही रीति है। नायिका के पूर्ण विश्रब्ध हो जाने पर राग और रति के बढ़ जाने पर राग को प्रदीप्त करने (भड़काने) के लिये इनका शीघ्रतापूर्वक और एक साथ प्रयोग करना चाहिये ॥ ३ ॥
hindi translation
tAni prathamarate nAtivyaktAni vizvabdhikAyAM vikalpena ca prayujjIta | tathAbhUtatvAdrAgasya | tataH paramatitvarayA vizeSavatsamuccayena rAgasaMdhukSaNArtham || 3 ||
The people of Lata country [Gujarat] also lick the labia of the vagina [nabhimula], the crotch [urusandhi], the underside of the arms and the pubis [pedu].
english translation
लाटवासियों की रीति-लाट देश के निवासी योनि के ओष्ठों, जाँघों के सन्धिस्थल और काँख का भी चुम्बन करते हैं ॥ ५ ॥