नित्यं स्नानम्। द्वितीयकमुत्सादनम्। तृतीयकः फेनकः । चतुर्थकमायुष्यम् । पञ्चमकं दशमकं वा प्रत्यायुष्यमित्यहीनम् । सातत्याच्य संवृतकक्षास्वेदापनोदः ॥ ६ ॥
He must bathe every day, have a massage every two days, soap himself every three days. Every four days, he must trim his beard and moustache, on the fifth or tenth day shave his pubic hair and armpits and, always, scent himself to disguise the smell of sweat from the armpits and be pleasant to contact.
english translation
शरीरसंस्कार (स्नानादि ) - नायक नित्य स्नान करे, दूसरे दिन सुगन्धित तैल की मालिश करावे, तीसरे दिन फेनक (साबुन) लगाये चौथे दिन दाढ़ी-मूंछ कटाये पाँचवें या दसवें दिन गुणाङ्गों के बाल कटवाये ढँकी हुई काँखों के पसीने को निरन्तर साफ करता रहे ॥६॥
भोजनानन्तरं शुकसारिकाप्रलापनव्यापाराः । लावककुक्कुटमेषयुद्धानि तास्ताश्च कलाक्रीडाः । पीठमर्दविटविदूषकायत्ता व्यापाराः । दिवाशय्या च ॥ ८ ॥
After meals, quiet amusements are necessary, such as teaching mynah birds and parrots to talk, watching partridges, cocks, or rams fighting, and playing all kinds of games, subsequently conversing with the manager [pithamarda], one's comrade in pleasure [vita], and the facetious secretary, before having one's siesta.
english translation
भोजनानन्तर व्यापार- प्रथम भोजन के पश्चात् शुकसारिकाओं से वार्ता अशिक्षित को शिक्षित करना और शिक्षित को बुलवाना या वार्ता करना-लावक, कुक्कुट (मुर्गा) और भेड़ का युद्ध देखना- इस प्रकार की विभिन्न कलाक्रीड़ाओं से मनोविनोद करना चाहिये। नर्मकेलि के सहायक पीठमर्द, विट और विदूषक के अधीन कार्यकलापों का निरीक्षण करे और आवश्यकतानुरूप हल्का शयन करे ॥ ८ ॥
प्रदोषे च सङ्गीतकानि। तदन्ते च प्रसाधिते वासगृहे सञ्चारितसुरभिधूपे ससहायस्य शय्यायामभिसारिकाणां प्रतीक्षणम् ॥ १० ॥
In the evening, having listened to music, he returns with some friends to his dwelling where, with wine and incense, he awaits the arrival of the women invited for the night.
english translation
रात्रिचर्या और प्रदोषकाल में सङ्गीत से मनोविनोद करे। इसके पश्चात् सुसज्जित और धूपादि से सुवासित वासगृह में अपने सहायकों (पीठमर्द, विट, विदूषक आदि) के साथ अभिसारिकाओं के आगमन की प्रतीक्षा करें ॥ १० ॥
hindi translation
pradoSe ca saGgItakAni| tadante ca prasAdhite vAsagRhe saJcAritasurabhidhUpe sasahAyasya zayyAyAmabhisArikANAM pratIkSaNam || 10 ||