प्रदोषे च सङ्गीतकानि। तदन्ते च प्रसाधिते वासगृहे सञ्चारितसुरभिधूपे ससहायस्य शय्यायामभिसारिकाणां प्रतीक्षणम् ॥ १० ॥
In the evening, having listened to music, he returns with some friends to his dwelling where, with wine and incense, he awaits the arrival of the women invited for the night.
english translation
रात्रिचर्या और प्रदोषकाल में सङ्गीत से मनोविनोद करे। इसके पश्चात् सुसज्जित और धूपादि से सुवासित वासगृह में अपने सहायकों (पीठमर्द, विट, विदूषक आदि) के साथ अभिसारिकाओं के आगमन की प्रतीक्षा करें ॥ १० ॥
hindi translation
pradoSe ca saGgItakAni| tadante ca prasAdhite vAsagRhe saJcAritasurabhidhUpe sasahAyasya zayyAyAmabhisArikANAM pratIkSaNam || 10 ||