When her husband departs on a journey abroad, she removes the married woman's marks and her jewels, dedicates herself to devotion, and looks after the house according to the rules established by her husband. She attends to worshiping the gods, praying, fasting, and must behave as her husband has taught her.
english translation
सात्त्विक जीवनयापन पति के विदेश जाने पर मात्र माङ्गलिक आभूषण धारण करे, शेष सभी को उतार दे, देवताओं की पूजा और उपवास में लगी रहे, और पति की शिक्षाओं का पालन करती हुई पर की व्यवस्था देखे ॥ ४२ ॥
शय्या च गुरुजनमूले। तदभिमता कार्यनिष्पत्तिः । नायकाभिमतानां चार्थानामर्जने प्रतिसंस्कारे च यत्नः ।। ४३ ।।
She must sleep beside her parents-in-law and obey their instructions. She must carefully look after whatever belongs to her husband.
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गुरुजनों के समीप शयन पति के विदेश जाने पर पत्नी को सास-ससुर के समीप ही सोना चाहिये, उनके सुझाव और परामर्श से ही कार्य करना चाहिये तथा पति के प्रिय पदार्थों को एकत्र करने एवं उनकी रक्षा करने का प्रयत्न करना चाहिये ॥ ४३ ॥
hindi translation
zayyA ca gurujanamUle| tadabhimatA kAryaniSpattiH | nAyakAbhimatAnAM cArthAnAmarjane pratisaMskAre ca yatnaH || 43 ||
She must appropriately perform all her daily tasks and carry through whatever he has undertaken.
english translation
अनधिक व्यय नित्य एवं नैमित्तिक कार्यों में समुचित या पति द्वारा निर्धारित ही व्यय करे पति ने जिन कार्यों का समारम्भ किया हो, उन्हें यथासमय पूर्ण करने की निरन्तर चेष्टा करती रहे ॥ ४४ ॥
ज्ञातिकुलस्यानभिगमनमन्यत्र व्यसनोत्सवाभ्याम् । तत्रापि नायकपरिजनाधिष्ठिताया नातिकालमवस्थानमपरिवर्तितप्रवासवेषता च ।। ४५ ।।
She does not go to visit her own family, except in case of sickness or for religious festivals, and always accompanied by someone of her husband's family as witness to the purity of her trip. She must not absent herself for long. She must never go out without being accompanied.
english translation
अत्यावश्यक होने पर ही बहिर्गमन अपने माता-पिता के घर भी व्यसन (मृत्यु आदि) और उत्सव (विवाह आदि) के अतिरिक्त न जाये। वहाँ भी समुरकुल का एक व्यक्ति (देवर या ननद) साथ ले जाये और अधिक समय न लगाये तथा उत्सव में भी प्रोषित पतिकाओं जैसी सरल एवं सात्विक वेशभूषा ही धारण करे ।। ४५ ॥
hindi translation
jJAtikulasyAnabhigamanamanyatra vyasanotsavAbhyAm | tatrApi nAyakaparijanAdhiSThitAyA nAtikAlamavasthAnamaparivartitapravAsaveSatA ca || 45 ||