स्नेहाभ्यक्ते यथा ह्यक्षे चक्रं साधु प्रवर्तते । सन्धयः साधु वर्तन्ते संश्लिष्टाः श्लेष्मणा तथा ॥१५॥
Just as the wheel turns well when lubricated, the joints work well when covered with phlegm.
english translation
जैसे चक्र स्नेह से अच्छी तरह चलता है, वैसे ही संधियाँ श्लेष्म से ढकी रहने पर अच्छी तरह कार्य करती हैं।
hindi translation