नदीषु शैलेषु सरःसु चापि पुण्येष्वरण्येषु तथाऽऽश्रमेषु । सर्वत्र सर्वाः परिमार्गितव्याः सर्वत्र भूमिर्हि वसूनि धत्ते ॥४०॥
In rivers, mountains, and holy lakes, as well as in virtuous forests and hermitages, all these (Oshadhis) should be sought everywhere, for the earth indeed holds all the treasures.
english translation
नदियों, पर्वतों, पवित्र सरोवरों, पुण्य वनों और आश्रमों में इन सब (ओषधियों) को सर्वत्र खोजना चाहिए, क्योंकि पृथ्वी में ही समस्त निधियाँ विद्यमान हैं।
नदीषु शैलेषु सरःसु चापि पुण्येष्वरण्येषु तथाऽऽश्रमेषु । सर्वत्र सर्वाः परिमार्गितव्याः सर्वत्र भूमिर्हि वसूनि धत्ते ॥४०॥
In rivers, mountains, and holy lakes, as well as in virtuous forests and hermitages, all these (Oshadhis) should be sought everywhere, for the earth indeed holds all the treasures.
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नदियों, पर्वतों, पवित्र सरोवरों, पुण्य वनों और आश्रमों में इन सब (ओषधियों) को सर्वत्र खोजना चाहिए, क्योंकि पृथ्वी में ही समस्त निधियाँ विद्यमान हैं।