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अन्तर्वत्न्यां भ्रातृपत्न्यां मैथुनाय बृहस्पतिः । प्रवृत्तो वारितो गर्भं शप्त्वा वीर्यमवासृजत् ।। ९-२०-३६ ।।

When the demigod named Bṛhaspati was attracted by his brother’s wife, Mamatā, who at that time was pregnant, he desired to have sexual relations with her. The son within her womb forbade this, but Bṛhaspati cursed him and forcibly discharged semen into the womb of Mamatā. ।। 9-20-36 ।।

english translation

बृहस्पति देव ने अपने भाई की पत्नी ममता पर मोहित होने पर उसके गर्भवती होते हुए भी उसके साथ संभोग करना चाहा। उसके गर्भ के भीतर के पुत्र ने मना किया लेकिन बृहस्पति ने उसे शाप दे दिया और बलात् ममता के गर्भ में वीर्य स्थापित कर दिया। ।। ९-२०-३६ ।।

hindi translation

antarvatnyAM bhrAtRpatnyAM maithunAya bRhaspatiH | pravRtto vArito garbhaM zaptvA vIryamavAsRjat || 9-20-36 ||

hk transliteration by Sanscript