तेषु वर्षाद्रयो नद्यश्च सप्तैवाभिज्ञाताः स्वरसः शतशृङ्गो वामदेवः कुन्दो मुकुन्दः पुष्पवर्षः सहस्रश्रुतिरिति अनुमतिः सिनीवाली सरस्वती कुहू रजनी नन्दा राकेति ॥ ५-२०-१० ॥
In those tracts of land there are seven mountains — Svarasa, Śataśṛṅga, Vāmadeva, Kunda, Mukunda, Puṣpa-varṣa and Sahasra-śruti. There are also seven rivers — Anumati, Sinīvālī, Sarasvatī, Kuhū, Rajanī, Nandā and Rākā. They are still existing. ॥ 5-20-10 ॥
english translation
इन सातों विभागों में सात पर्वत हैं, जिनके नाम स्वरस, शतशृंग, वामदेव, कुन्द, मुकुन्द, पुष्पवर्ष तथा सहस्रश्रुति हैं। उनमें सात नदियाँ भी हैं जिनके नाम अनुमति, सिनीवाली, सरस्वती, कुहू, रजनी, नन्दा तथा राका हैं। ये आज भी विद्यमान हैं। ॥ ५-२०-१० ॥
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