ऋषिरुवाच जितं ते देव देवेश प्रपन्नार्तिहराच्युत । वरेणैतावतालं नो यद्भवान् समदृश्यत ।। १२-९-४ ।।
The sage said: O Lord of lords, all glories to You! O Lord Acyuta, You remove all distress for the devotees who surrender unto You. That you have allowed me to see You is all the benediction I want. ।। 12-9-4 ।।
english translation
ऋषि ने कहा: हे देवों के देव, आपकी जय हो! हे भगवान अच्युता, आप उन भक्तों के सभी संकट दूर कर देते हैं जो आपकी शरण में आते हैं। आपने मुझे अपने दर्शन की अनुमति दी है, यही वह आशीर्वाद है जो मैं चाहता हूँ। ।। १२-९-४ ।।
hindi translation
RSiruvAca jitaM te deva deveza prapannArtiharAcyuta | vareNaitAvatAlaM no yadbhavAn samadRzyata || 12-9-4 ||