श्रीमद्दीर्घचतुर्बाहुं तप्तकाञ्चनकुण्डलम् । क्षतजाक्षं गदापाणिमात्मनः सर्वतो दिशम् । परिभ्रमन्तमुल्काभां भ्रामयन्तं गदां मुहुः । कौमोदकीमतिश्रेष्ठां भक्तरक्षणतत्पराम् ॥ १-१२-९ ॥
The Lord was enriched with four hands, earrings of molten gold and eyes blood red with fury. As He loitered about, His club constantly encircled Him like a shooting star. ॥ 1-12-9 ॥
english translation
भगवान् चार भुजाओं से युक्त थे, उनके कुण्डल सोने के थे तथा आँखें क्रोध से रक्त जैसी लाल थीं। जब वे चारों ओर घूमने लगे, तो उनकी गदा उनके चारों ओर गिरते तारे (उल्का) की भाँति निरन्तर चक्कर लगाने लगी। ॥ १-१२-९ ॥
hindi translation