अप्रत्यादेयत्वात् सर्वकार्याणां तन्मूलत्वाद्धिरण्यद इति वात्स्यायनः ॥ ६ ॥
According to Vatsyayana, anything may be obtained by giving something in exchange: the coin is the basis of every transaction.
english translation
क्योंकि सिखा (धन) अविश्वास की अवस्था में भी नहीं लौटाया जा सकता और वही सारे कार्य सम्पन्न करने का साधन है, इसलिये सिक्का देने वाला हो गम्य है-ऐसा आचार्य वात्स्यायन का मत है ॥ ६ ॥
सुवर्णरजततानकांस्यलोहभाण्डोपस्करास्तरणप्रावरणवासोविशेषगन्धद्रव्यकटुकभाण्डपृततैलधान्यपशुजातीनां पूर्वपूर्वतो विशेषः ॥ ७ ॥
They are, as the case may be, objects of gold or silver; copper, bronze, or iron utensils; hangings; shawls; garments; perfumes; spices; accessories; ghee; oil; wheat; cattle.
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फीस का स्वरूप – सोना, चाँदी, ताँबा, कांसा, लोहा, बर्तन, सामान, बिस्तर, लिहाफ, अन्य वस्त्र, द्रव्य, काली मिर्च, बड़ा (कलश), घी, तेल, अन्न, पशु-इन वस्तुओं में उत्तरोत्तर की अपेक्षा पूर्व पूर्व उत्तम हैं ॥ ७॥
यत्तत्र साम्याद्वा द्रव्यसाम्ये मित्रवाक्यादतिपातित्वादायतितो गम्यगुणतः प्रीतितक्ष विशेषः ॥ ८ ॥
When two candidates are similar, if she likes them both equally and they are equally rich, she refuses or accepts to sleep with one of them according to the advice of her household.
english translation
समानता में प्राथमिकता-यदि दो समान प्रेमी हों या समान धन देने वाले हों तो मित्र लोग जिसे अभी समझें अथवा जिस नायक को अधिक गुणी, सुन्दर और प्रभावशाली समझें, उसी की दी हुई वस्तु ग्रहण करे॥ ८॥