तदभावे पीठमर्दादीन् । तेभ्यो नायकस्य शौचाशीचं रागापरागी सक्तासक्ततां दानादाने च विद्यात् ॥ २३ ॥
In their absence, she entrusts the task to her secretary or others, to find out whether the suitor is clean or dirty, passionate or not, amorous or indifferent, generous or not.
english translation
इनके अभाव में पीठमर्द आदि को नियुक्त करें। इनके माध्यम से ही नायक का अपने प्रति जो शौच-अशौच, राग अपराग, सकता असकता, दान अदान का भाव हो, उन सबको जान लें ॥ २३ ॥