There are eight ways of practicing this kind of contact.
english translation
परिष्टक के भेद - क्रिया के भेद से औपरिष्टक के भी कई भेद हो जाते हैं। उन्हें बताते हैं - यह औपरिष्टक कर्म आठ प्रकार का है। इनका क्रमशः प्रयोग करना चाहिये ॥ १२ ॥
They are: casual [nimitta] placing the lips on the mast, nibbling the sides [parshvatodashta], external pinching [bahihsandamsha], internal pinching [antahsandamsha], kissing [chumbitaka], browsing [parimrishtaka], sucking the mango [amrachushitaka], devouring [sangara].
english translation
निमित, पार्श्वतोदष्ट, बहिसन्देश, अन्तः सन्दंश, चुम्बितक, परिमृष्टक, चूषितक और सङ्गर-औपरिष्टक की ये आठ क्रियाएँ हैं ॥ १३ ॥