The women of Aurantaka, Sahyadri, and Lata [Surat, Baroda] are very erotic and sigh gently.
english translation
अपरान्तक (सह्याद्रि का निकटवर्ती पश्चिमी सीमाप्रदेश) और लाट देश (सूरत, भाँच एवं समीपवर्ती भूभाग) की स्त्रियाँ चण्डवेग होती हैं और वे समागम में प्रहारों को सहकर मन्द मन्द सीत्कार करती हैं ॥ २६ ॥ (खरवेग और चण्डवेग में स्वल्प अन्तर है खरवेग में खाज की अधिकता होती है जबकि चण्डवेग में राग या काम की अधिकता ।)
दृढप्रहणनयोगिन्यः खरवेगा एव, अपद्रव्यप्रधानाः स्त्रीराज्ये कोशलायां च॥ २७ ॥
To satisfy the women of Koshala and those belonging to the regions where matriarchy is practiced [strirajya], violent practices [kharavega] and brutal sexual behavior are needed. Dildos [apadravya] are much employed.
english translation
स्त्रीराज्य और कोशल देश की स्त्रियाँ खरवेग होती हैं ये समागम में शिश्न के दृढ़ प्रहार चाहती हैं और रमणेच्छा शान्त न होने पर अपद्रव्य (कृत्रिम शिश्न) का भी प्रयोग करती हैं ॥ २७ ॥
सकलचतुःषष्टिप्रयोगरागिण्योऽश्लीलपरुषवाक्यप्रियाः शयने च सरभसोप- क्रमा महाराष्ट्रिकाः ॥ २९ ॥
The women of Maharashtra are skilled in the sixty-four arts, but their language is obscene, coarse, and hard. They are very impetuous in bed.
english translation
महाराष्ट्र – महाराष्ट्र देश की स्त्रियाँ चौंसठ कलाओं के प्रयोग में अनुराग रखती हैं, वे समागम के समय अश्लील और परुष भाषा बोलती है और मैथुन का समारम्भ अत्यन्त साहस एवं उत्साहपूर्वक करती हैं ॥ २९ ॥
hindi translation
sakalacatuHSaSTiprayogarAgiNyo'zlIlaparuSavAkyapriyAH zayane ca sarabhasopa- kramA mahArASTrikAH || 29 ||
The women of the great city [Pataliputra] act in the same way, but practice the arts in private.
english translation
मगध (पटना प्रान्त) की स्त्रियाँ भी महाराष्ट्र की स्त्रियों के समान ही होती हैं, परन्तु ये कामकलाओं का अभ्यास और अश्लील एवं परुष वचनों का प्रयोग एकान्त में करती हैं ॥ ३० ॥
hindi translation
tathAvidhA eva rahasi prakAzante nAgarikAH || 30 ||