चरणेन चरणमाक्रम्य द्वितीयेनोरुदेशमाक्रमन्ती वेष्टयन्ती वा तत्पृष्ठसक्तैक- बाहुर्द्वितीयेनांसमवनमयन्ती ईषन्मन्दसीत्कृतकूजिता चुम्बनार्थमेवाधिरोदुमिच्छेदिति वृक्षाधिरूढकम् ।। १६ ।।
Climbing the tree Resting one of her feet on the man's and with the other attacking his thigh, she embraces him with her arm across his back. Her other arm clings to his shoulder and neck. With a slight sigh, she makes an effort to climb onto him to kiss him, just as if she were climbing a tree.
english translation
२. वृक्षाधिरूड़क नायिका अपना एक पैर नायक के पैर पर रखकर दूसरे पैर से नायक की जाँघों को दबाती है या लपेटती है और अपना एक हाथ नायक की पीठ पर रखकर दूसरे हाथ से उसके कन्धे को झुकाकर मन्द मन्द सोत्कार करती हुई, उसके अधरों का चुम्बन करने के लिये नायकरूपी वृक्ष पर चढ़ने की चेष्टा सौ करती है कहलाता है ।। १६ ।।
शयनगतावेवोरुव्यत्यासं भुजव्यत्यासं च ससंघर्षमिव घनं संस्वजेते तत्तिल- तण्डुलकम् ।। १८ ।।
Rice and sesame- Both lying with arms and legs entwined, they rub against each other and become deeply entangled.
english translation
तिलतण्डुलक शैय्या पर लेटे हुए नायक और नायिका अपनी भुजाओं और पैरों को विपरीत रूप में मिलाते हुए, संघर्षपूर्वक दालिङ्गन करें यह आलिङ्गन तिलतण्डुलक कहलाता है ॥ १८ ॥
रागान्धावनपेक्षितात्ययौ परस्परमनुविशत इवोत्सङ्गतायामभिमुखोपविष्टायां शयने वेति क्षीरजलकम् ।। १९ ।।
Milk and water - Blinded by desire, unable to wait, they press against each other with the same passion, face to face, whether seated or lying down.
english translation
क्षीरजलक – रागाधिक्य के कारण विवेकहीन बने नायक और नायिका, हानि की चिन्ता छोड़कर, जब एक-दूसरे में प्रविष्ट सा हो जाने की लालसा से प्रगाढ़ आलिङ्गन करते हैं तो वह आलिङ्गन क्षीरजलक कहलाता है। यह आलिङ्गन उसी स्थिति में सम्भव है जब नायिका अपने पैर नायक की कमर में फँसाकर उसकी ओर मुख करके गोद में बैठी हो अथवा दोनों शैय्या पर एक दूसरे की ओर मुख कर लेटे हुए हों ।। १९ ।।
hindi translation
rAgAndhAvanapekSitAtyayau parasparamanuvizata ivotsaGgatAyAmabhimukhopaviSTAyAM zayane veti kSIrajalakam || 19 ||