लतावेष्टितकं वृक्षाधिरूढकं तिलतण्डुलकं क्षीरनीरकमिति चत्वारि सम्प्रयोगकाले ।। १४ ।।
Four kinds of embrace are employed in preliminary loveplay: encircling like a liana [lataveshtitaka], climbing the tree [vrikshadhirudhaka], rice and sesame [tilatandulaka], and milk and water [kshirajalaka].
english translation
सुरत के समय चार आलिङ्गन अधिक उपयुक्त रहते हैं-लतावेष्टितक, वृक्षाधिरूडक, तिलतण्डुलक और क्षीरनीरक ।। १४ ।।