नगरे पत्तने खर्वटे महति वा सज्जनाश्रये स्थानम्। चात्रावशाद्वा ।। २ ।।
He must establish himself in a big city, a town, or even a large village, near the mountains, where a decent number of persons of good society are living. He may also, for a time, go journeying.
english translation
नागरक का वास नागरकर के निर्वाह के लिये परान नगर महत् (पांच सौ ग्रामों में भड़ा ग्राम और खवंट (दो सौ ग्रामों में बड़ा ग्राम) इनमें से कहीं भी सज्जनों के मध्य निवास करें, अथवा जहाँ अपनी जीविका हो, वहाँ रहे ॥ २ ॥