कुशीलवाश्चागन्तवः प्रेक्षणकमेषां दद्युः द्वितीयेऽहनि तेभ्यः पूजा नियतं लभेरन्। ततो यथाश्रद्धमेषां दर्शनमुत्सर्गे वा व्यसनोत्सवेषु चैषां परस्परस्यैक- कार्यता ।। १६ ।।
The musicians, who have come from elsewhere, have to be auditioned and, on the day before, they must receive their proper fee. Then, according to the admiration they manage to inspire, they either give a performance or are sent away. One must do the same with artists, either known or who have presented themselves.
english translation
धूपविलेपन घटा-आगन्तुक नट, नर्तक, कलाकारों को चाहिये कि वे पहले दिन अपना कौशल दिखायें और दूसरे दिन निर्धारित पुरस्कार प्राप्त करें। इसके पश्चात् श्रद्धानुरूप नागरकगण उन्हें कलाकौशल दिखाने के लिये रोक लें, अथवा विदा कर दें। स्थानीय और आगन्तुक कलाकारों में सुख-दुःख में परस्पर ऐक्य और सहयोग होना चाहिये, अर्थात् स्थानीय एवं आगन्तुक कलाकार सुख-दुःख में परस्पर स्नेह सहयोग रखें ॥ १६ ॥
hindi translation
kuzIlavAzcAgantavaH prekSaNakameSAM dadyuH dvitIye'hani tebhyaH pUjA niyataM labheran| tato yathAzraddhameSAM darzanamutsarge vA vyasanotsaveSu caiSAM parasparasyaika- kAryatA || 16 ||
आगन्तुकनां च कृतसमवायानां पूजनमभ्युपपत्तिश्च। इति गणधर्मः ॥ १७ ॥
Artists from outside, who come unexpectedly to take part in the performance during the festivities, must be welcomed and honored. This is the rule of their corporation [ganadharma].
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उत्सव में सम्मिलित होने हेतु बाहर से आये हुये नागरकों का परिषद् के नागरकों को सत्कार करना चाहिये, तथा सङ्कट पड़ने पर यथावश्यक सहायता करनी चाहिये - यह गण- धर्म है ॥ १७ ॥
hindi translation
AgantukanAM ca kRtasamavAyAnAM pUjanamabhyupapattizca| iti gaNadharmaH || 17 ||
वेश्याभवने सभायामन्यतमस्योद्वसिते वा समानविद्याबुद्धिशीलवित्तवयसां सह वेश्याभिरनुरूपैरालापैरासनबन्धी गोष्ठी ॥ १९ ॥
When a reception takes place in the house of a courtesan or in the house of a gentleman, the company of friends or comrades must be chosen for their common culture, intelligence, fortune, age, and character. This makes for pleasant conversation with the courtesans.
english translation
गोष्ठीसमवाय- वेश्या के घर में, सभाभवन में अथवा परस्पर एक-दूसरे के निवासस्थल पर विद्या, बुद्धि, शील, वित्त और अवस्था में समानता रखने वाले आत्मीय सहचरों के साथ गोष्ठीसमवाय करना चाहिये, अर्थात् वेश्याओं या कलामर्मज्ञों के साथ यथायोग्य आसनों पर बैठकर तदनुरूप आलाप से ज्ञानार्जन करना चाहिये ॥ १९ ॥
hindi translation
vezyAbhavane sabhAyAmanyatamasyodvasite vA samAnavidyAbuddhizIlavittavayasAM saha vezyAbhiranurUpairAlApairAsanabandhI goSThI || 19 ||