Prajapati, the Lord of the Creatures, after creating man, composed a treatise of one hundred thousand verses, defining the rules of social life at the triple level of civic virtue, prosperity, and sexuality.
english translation
कामशास्त्र की प्राचीनता- प्रजापति ने प्रजाओं की सृष्टि कर त्रिवर्गं के साधनभूत शास्त्र का, जो उनकी स्थिति का कारण या व्यवस्थित जीवन का संविधान है, एक लाख अध्यायो में प्रवचन किया था॥५॥