त्रिवर्गं से सम्बद्ध ग्रन्थों की रचना करने वाले आचार्यो को नमस्कार करने का कारण यह है कि उन के ग्रन्थों से संग्रह कर इस "कामसूत्र" की रचना कर रहे है, अतएव उपजीव्य ग्रन्थों के रचयिताओं के प्रति कृतज्ञता-ज्ञापन भी आवश्यक हे ॥ ४॥
Prajapati, the Lord of the Creatures, after creating man, composed a treatise of one hundred thousand verses, defining the rules of social life at the triple level of civic virtue, prosperity, and sexuality.
english translation
कामशास्त्र की प्राचीनता- प्रजापति ने प्रजाओं की सृष्टि कर त्रिवर्गं के साधनभूत शास्त्र का, जो उनकी स्थिति का कारण या व्यवस्थित जीवन का संविधान है, एक लाख अध्यायो में प्रवचन किया था॥५॥